Dr Vipin Sharma

उम्र बढ़ने के साथ पेशाब की परेशानी को सामान्य मानना सही है? 

उम्र बढ़ने के साथ पेशाब की परेशानी

यह धारणा आम है कि बुढ़ापे में पेशाब की दिक्कत होती ही है, और इसी वजह से लोग डॉक्टर के पास जाने में देर कर देते हैं। सच यह है कि उम्र के साथ बदलाव आते हैं, पर तकलीफ को चुपचाप सहना जरूरी नहीं है। 

उम्र के साथ क्या बदलता है 

ब्लैडर की क्षमता थोड़ी घट सकती है और रात में एक बार उठना कई लोगों में आम है। पुरुषों में प्रोस्टेट और महिलाओं में पेल्विक मांसपेशियों की कमजोरी भी असर डालती है। 

क्या सामान्य नहीं है 

रात में बार-बार नींद टूटना 

पेशाब रोक न पाना 

धार का बहुत कमजोर होना 

पेशाब में खून या बदबू 

दर्द, या ब्लैडर खाली न होने का एहसास 

ये संकेत इलाज योग्य समस्याओं की ओर इशारा करते हैं। अगर ये लक्षण महसूस हों तो पेशाब की समस्या का इलाज इंदौर (Urinary Problems Treatment in Indore) के बारे में जानकारी लेना और जांच कराना बेहतर है। 

रोजमर्रा में क्या करें 

दिन भर पर्याप्त पानी पिएं, पर सोने से 2-3 घंटे पहले कम करें 

चाय, कॉफी और शराब सीमित रखें 

शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें 

नियमित टहलें और वजन संतुलित रखें 

पेशाब रोकने की आदत से बचें 

जांच का सही समय 

50 की उम्र के बाद साल में एक बार जांच करवाना अच्छा रहता है। किसी योग्य यूरोलॉजिस्ट इंदौर (Urologist in Indore) से सलाह लेने पर कारण पहचानकर सही इलाज शुरू किया जा सकता है। 

 उम्र बढ़ना स्वाभाविक है, पर परेशानी के साथ जीना मजबूरी नहीं। समय पर ध्यान देने से आराम से और आत्मविश्वास के साथ जिया जा सकता है। 

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