Dr Vipin Sharma

पेशाब में जलन नहीं है, फिर भी बार-बार पेशाब क्यों आती है? 

बार-बार पेशाब आना

अक्सर लोग मानते हैं कि पेशाब की परेशानी का मतलब जलन या दर्द होना है। लेकिन जलन के बिना भी दिन में कई बार या रात में बार-बार उठना किसी समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आप बार-बार पेशाब आने का इलाज इंदौर (Frequent Urination Treatment in Indore) खोज रहे हैं, तो पहले कारण समझना जरूरी है। 

संभावित कारण 

ज्यादा पानी, चाय-कॉफी या शराब: ये ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं और पेशाब की मात्रा बढ़ाते हैं। 

डायबिटीज: शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त शुगर को पेशाब के रास्ते निकालता है, जिससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। 

ओवरएक्टिव ब्लैडर: ब्लैडर की मांसपेशियां बिना जरूरत सिकुड़ने लगती हैं और अचानक तेज urge आती है। 

प्रोस्टेट का बढ़ना: 45-50 की उम्र के बाद पुरुषों में यह आम कारण है। 

दवाइयां और तनाव: पानी की गोलियां (डाययूरेटिक्स) या चिंता भी असर डाल सकती हैं। 

इन लक्षणों पर ध्यान दें 

रात में दो-तीन बार से ज्यादा उठना 

पेशाब की धार कमजोर होना 

पेशाब करने के बाद भी ब्लैडर खाली न लगना 

पेशाब रोक न पाना 

बहुत प्यास लगना या वजन घटना 

जांच कैसे होती है 

डॉक्टर आमतौर पर पेशाब की जांच, शुगर टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर पुरुषों में PSA टेस्ट सुझाते हैं। कारण पता चलने पर इलाज दवाइयों, आदतों में बदलाव या अन्य प्रक्रियाओं से किया जाता है। 

कब मिलें डॉक्टर से 

अगर समस्या दो हफ्ते से ज्यादा चले या नींद और दिनचर्या बिगाड़ने लगे, तो किसी अनुभवी यूरोलॉजिस्ट इंदौर (Urologist in Indore) से सलाह लें। समय पर जांच से छोटी परेशानी बड़ी होने से पहले संभल जाती है। 

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