कई पुरुष पेशाब की दिक्कत को “उम्र का असर” समझकर सालों टालते रहते हैं। पर लंबे समय तक अनदेखी करने से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए प्रोस्टेट की समस्या का इलाज इंदौर (Prostate Problem Treatment in Indore) शुरुआती चरण में कराना समझदारी है।
अनदेखी के संभावित नतीजे
पेशाब का रुक जाना: अचानक पेशाब बिल्कुल बंद हो सकता है, जो इमरजेंसी स्थिति है और कैथेटर की जरूरत पड़ सकती है।
बार-बार इन्फेक्शन: ब्लैडर में बचा हुआ पेशाब कीटाणुओं को पनपने का मौका देता है।
ब्लैडर में पथरी: रुका हुआ पेशाब धीरे-धीरे पथरी बना सकता है।
पेशाब में खून: बढ़ा प्रोस्टेट कभी-कभी रक्तस्राव का कारण बनता है।
किडनी पर असर: पेशाब का दबाव पीछे किडनी तक पहुंचे तो उसकी कार्यक्षमता घट सकती है।
जरूरी बात
हर प्रोस्टेट समस्या सिर्फ बढ़ना नहीं होती। कभी-कभी इन्फेक्शन या अन्य गंभीर रोग भी इसके पीछे हो सकते हैं, जिनकी पहचान जांच से ही संभव है। 50 की उम्र के बाद, या परिवार में प्रोस्टेट की बीमारी का इतिहास हो तो 45 के बाद, नियमित जांच कराना बेहतर है।
किन जांचों से पता चलता है
PSA ब्लड टेस्ट
पेट और प्रोस्टेट का अल्ट्रासाउंड
पेशाब की धार की जांच (यूरोफ्लोमेट्री)
पेशाब की जांच
अपने शहर के किसी भरोसेमंद प्रोस्टेट डॉक्टर इंदौर (Prostate Doctor in Indore) से समय रहते मिलना सबसे सुरक्षित कदम है। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, उतने ही कम जटिल उपायों की जरूरत पड़ेगी।






